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श्रीनाथजी मंदिर की 9 सीढ़ियां: बादशाह की दाढ़ी से हुईं साफ!

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राजसमंद। डोलोत्सव के समापन के बाद, पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा में एक अनोखी परंपरा का पालन किया गया। इस परंपरा के तहत, “बादशाह” की सवारी निकाली गई और बादशाह ने अपनी दाढ़ी से मंदिर की 9 सीढ़ियों को गुलाल से साफ किया।

परंपरा का महत्व:

यह परंपरा औरंगजेब से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि जब औरंगजेब मंदिरों में मूर्तियों को खंडित करने के लिए मेवाड़ पहुंचा, तो वह श्रीनाथजी के मंदिर में भी गया। मंदिर में प्रवेश करते ही उसकी आंखों की रोशनी चली गई। तब उसकी बेगम ने भगवान श्रीनाथजी से प्रार्थना कर माफी मांगी, जिसके बाद उसकी आंखें ठीक हो गईं।

पश्चाताप स्वरूप, बादशाह ने अपनी दाढ़ी से मंदिर की सीढ़ियों पर गिरी गुलाल को साफ किया। तभी से इस घटना को एक परंपरा के रूप में हर साल मनाया जाता है।

इस साल की सवारी:

इस साल भी, परंपरा के अनुसार, शाम को नगर में बादशाह की सवारी निकाली गई। सवारी गुर्जरपुरा स्थित बादशाह गली से शुरू हुई और बड़ा बाजार होते हुए मंदिर परिक्रमा कर श्रीनाथजी के मंदिर पहुंची।

यहां पर बादशाह ने अपनी दाढ़ी से सूरज पोल की नवधाभक्ति के भाव से बनी 9 सीढ़ियों को साफ किया। उसके बाद मंदिर के परछना विभाग के मुखिया द्वारा बादशाह को कपड़े, आभूषण भेंट किए गए।

परंपरा के अनुसार, मंदिर में मौजूद लोगों ने बादशाह को खरी-खोटी सुनाई और रसिया गान किया।

यह परंपरा न केवल भगवान श्रीनाथजी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह क्षमा और पश्चाताप का भी संदेश देती है।

👤 Rahul Acharya
March 27, 2024
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