Rajsamand App

राजसमंद क्षैत्र के समाचार & अपडेट्स

संघ का भव्य पथ संचलन: एकजुटता का प्रतीक

इस ख़बर को सुनने के लिए 👇"Listen" पर क्लिक करें
[tta_listen_btn]
[tts_play]
[gspeech]

राजसमंद. रविवार को विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्वयंसेवकों ने सधे कदमों और लयबद्ध तरीके से मार्च करते हुए समाज में एकता और सहयोग का संदेश दिया। पथ संचलन का आगाज़ शस्त्र पूजन के साथ हुआ, जिसमें स्थानीय अतिथियों ने भाग लिया।

शस्त्र पूजन और स्वागत समारोह

इस साल संघ की स्थापना के 99 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों में कमला नेहरू अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता प्रजापत, वक्ता सह प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र सिंह, और गायत्री परिवार के घनश्याम पालीवाल शामिल थे।

पथ संचलन का आरंभ कांकरोली स्थित टीवीएस चौराहा श्रीनाथ वाटिका से हुआ और यह शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्किल राजनगर तक पहुंचा। इस दौरान शहर भर में व्यापारियों और विभिन्न संगठनों ने स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

समाज के प्रति संदेश

धर्मेंद्र सिंह ने अपने भाषण में संघ की स्थापना के उद्देश्य और उसकी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमें उन शक्तियों से सतर्क रहना चाहिए जो देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं। वर्तमान में भारत की अंतरराष्ट्रीय साख बढ़ी है, लेकिन देश के खिलाफ खतरनाक साजिशें और षड्यंत्र सक्रिय हैं।”

साथ ही उन्होंने कहा, “हिंदू समाज को यह समझना चाहिए कि असंगठित और कमजोर रहना अत्याचार को निमंत्रण देना है। समाज में कट्टरता को उकसाने वाली घटनाएं बढ़ रही हैं, जिन्हें प्रजातांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना चाहिए, न कि हिंसा से।”

समापन समारोह

इस भव्य पथ संचलन का समापन राजनगर मैदान में हुआ, जहां स्वयंसेवकों ने अपनी एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया। विजयदशमी का यह आयोजन न केवल संघ के लिए, बल्कि समग्र समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना।

October 14, 2024

You May Also Like👇

Supportscreen tag
var ttsInterval; (function() { // Ensure DOM is loaded function initTTS() { var btn = document.getElementById('ttsPlayBtn'); if (!btn) return; btn.addEventListener('click', function() { var content = document.querySelector('.entry-content') || document.querySelector('.post-content'); if (!content) { alert('Post content not found'); return; } var text = content.innerText.trim(); if (!text) return; // Stop previous speech if (window.speechSynthesis.speaking) { window.speechSynthesis.cancel(); } var utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 1; utterance.pitch = 1; window.speechSynthesis.speak(utterance); }); } // Old Elementor may need small timeout for DOM if (document.readyState === 'loading') { document.addEventListener('DOMContentLoaded', initTTS); } else { setTimeout(initTTS, 300); } })();