Rajsamand App

राजसमंद क्षैत्र के समाचार & अपडेट्स

लाखों खर्च हो गए पर दर्शनार्थियों को अब भी नहीं मिला सुविधाओं का लाभ, फिर सामने आ गई ये समस्या

इस ख़बर को सुनने के लिए 👇"Listen" पर क्लिक करें
[tta_listen_btn]
[tts_play]
[gspeech]

नाथद्वारा. प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मंदिर मंडल की ओर से शहर के बेशकीमती क्षेत्र नया बाजार में लक्ष्मी निवास धर्मशाला को गिराकर नया मार्ग लाखों रुपए खर्च करके बनाया गया। लेकिन, यह मार्ग भी दर्शनार्थियों के लिए सुविधाजनक नहीं है क्योंकि इसके निर्माण में पर्याप्त चौड़ाई का ध्यान नहीं रखे जाने से यह भी पूर्व की तरह संकड़ा मार्ग ही होने से नया मार्ग होने के बावजूद पुरानी समस्या फिर सामने आ गई और दर्शनार्थियों को मंदिर प्रवेश में अब भी पूर्व की ही तरह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंदिर मंडल की ओर से प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश के लिए मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में नया बाजार के मुहाने पर स्थित लक्ष्मी निवास धर्मशाला को गिराकर वहां नया प्रवेश द्वार बनवाया गया है। यह प्रवेश द्वारा जिक-जेक की तरह रैंप के साथ बना दिया गया, परंतु उसकी चौड़ाई कम होने से दर्शनार्थियों को अंदर प्रवेश करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि इस मार्ग में अगर एक साथ चार से अधिक दर्शनार्थी जाते हैंं तो वे भी काफी मुश्किल से प्रवेश कर पाते हैं। ऐसे में प्रवेश द्वार के बाहर खड़े रहने वाले दर्शनार्थियों को भी काफी देर तक रुकते हुए परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, बाहर ढलान वाला मार्ग होने से दर्शनार्थियों को ठीक से खड़े रहने में भी काफी दिक्कत होती है। ढलान पर संतुलन बनाकर खड़े रहने में महिला व पुरुष दोनों श्रद्धालुओं को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने रेंप का घुमाव खत्म कर एक ही चौड़ा रैंप बनाने का सुझाव दिया है, जिससे दर्शनार्र्थियों को सीधे ही प्रवेश मिल पाएगा व बाहर जो दबाव बनता है वो भी कम हो जाएगा।

मोबाइल कांउटर नहीं

प्रवेश द्वार पर मोबाइल कांउटर शुरू नहीं किए जाने से दर्शनार्थियों को मोबाइल खर्च भंडार के पास बने कांउटर पर ही जमा करवाकर दर्शन करने के लिए जाना पड़ता है। इसके चलते उनको दर्शन के बाद पुन: मोबाइल लेने के लिए मोतीमहल से मंदिर मार्ग होकर खर्च भंडार तक पहुंचना पड़ता है।

शूजस्टैण्ड भी पड़ रहा छोटा

दर्शनार्थियों की रेलमपेल के चलते चौपाटी और नया बजाार में स्थापित किए गए जूता स्टैण्ड पर कई श्रद्धालुओं को जूते रखने की जगह नहीं मिलने पर वे बाहर ही खोलकर चले जाते हैं। ऐसे में उनको वापसी मेंं जूते नहीं मिलते, जिससे कई श्रद्धालु ऐसे ही चलते जाते हैं, जिससे मंदिर प्रवेश द्वार पर कई लोगों के जूते पड़े हुए हैं।

प्रसाद को लेकर भी परेशानी

मंदिर में दर्शन करने के बाद श्रद्धालु प्रसाद के लिऐलाड़लेलालनजी के मंदिर के बाहर भेंट कांउटर पर पैसा जमाकर रसीद लेते हैं, परंतु उनको प्रसाद लेने के लिए मोतीमहल से होकर नक्कारखाना चौक में बने कांउटर पर जाना पड़ता है। इससे कई श्रद्धालु काफी असहज महसूस करते हुए वहां तक पहुंच भी नहीं पाते। वहीं, जाने की जल्दी में उनको प्रसाद के लिए भीड़ में जाने में काफी समय लग जाता है, जिससे भी दिक्कत होती है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों श्रद्धालुओं की जबर्दस्त रेलमपेल के चलते मंदिर दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को निकास के लिए नक्कारखाना के यहां बने तीसरे द्वार की बजाय मोतीमहल चौक से होकर बाहर निकाला जा रहा है। ऐेसे में इस मार्ग पर प्रसाद का काउंटर नहीं होने से परेशानी होती है।

प्रशासनिक समिति को समस्या भेजकर करवाएंगे निस्तारण

मंदिर के प्रवेश द्वार को लेकर आ रही समस्या को दिखवााया जाएगा। इसके लिए मंदिर मंडल की प्रशासनिक समिति को भिजवाकर कार्यवाही करवाई जाएगी। जहां तक भेंट के प्रसाद कांउटर की बात है तो उसके लिए भी प्रशासनिक समिति को पत्र जारी कर दिया गया है। मोतीमहल के यहां पर एक कांउटर दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए जल्द ही शुरू दिया जाएगा।
चेतन कुमार त्रिपाठी, मुख्य निष्पादन अधिकारी मंदिर मंडल नाथद्वारा

November 7, 2024

You May Also Like👇

Supportscreen tag
var ttsInterval; (function() { // Ensure DOM is loaded function initTTS() { var btn = document.getElementById('ttsPlayBtn'); if (!btn) return; btn.addEventListener('click', function() { var content = document.querySelector('.entry-content') || document.querySelector('.post-content'); if (!content) { alert('Post content not found'); return; } var text = content.innerText.trim(); if (!text) return; // Stop previous speech if (window.speechSynthesis.speaking) { window.speechSynthesis.cancel(); } var utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 1; utterance.pitch = 1; window.speechSynthesis.speak(utterance); }); } // Old Elementor may need small timeout for DOM if (document.readyState === 'loading') { document.addEventListener('DOMContentLoaded', initTTS); } else { setTimeout(initTTS, 300); } })();